शिमला के AIMSS में लापरवाही: कुत्ता मानव अंग लेकर घूमता मिला

संजीव पॉल
संजीव पॉल

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। सरकारी स्वास्थ्य संस्थान अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (AIMSS) के परिसर में एक आवारा कुत्ता मानव का कटा हुआ पैर मुंह में लेकर घूमता दिखा। सुबह का समय, अस्पताल का शांत वातावरण और अचानक यह दृश्य मरीजों व स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई।

कैसे हुई इतनी बड़ी चूक?

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 61 वर्षीय मरीज की सर्जरी के दौरान घुटने के ऊपर से पैर काटा गया था। ऑपरेशन के बाद अंग को बायोमेडिकल वेस्ट नियमों के तहत नीले बैग में रखकर स्टोर रूम में रखा गया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बायोमेडिकल वेस्ट स्टोर का दरवाजा ठीक से बंद नहीं था। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कुत्ता अंदर घुसा और अंग बाहर ले आया।

सवाल यही है, जब मेडिकल वेस्ट की सुरक्षा ही वेंटिलेशन पर छोड़ दी जाए, तो जिम्मेदारी किस दरवाजे से बाहर जाएगी?

प्रशासन हरकत में

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। ड्यूटी पर मौजूद सफाई कर्मचारियों और सुपरवाइजर को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।

लेकिन जनमानस का सवाल है क्या हर बार कार्रवाई घटना के बाद ही क्यों याद आती है?

जनता में आक्रोश

अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर इस स्तर की चूक ने लोगों का भरोसा हिलाया है। मरीजों और परिजनों का कहना है कि यदि बायोमेडिकल वेस्ट की सुरक्षा नहीं हो पा रही, तो संक्रमण और सार्वजनिक स्वास्थ्य का जोखिम कितना बड़ा हो सकता है?

यह मामला सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही का आईना बन गया है।

सिस्टम पर सवाल

बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट केवल नियमों की फाइलों तक सीमित नहीं रह सकता। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, संक्रमण नियंत्रण और संस्थागत विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है।

जहां इलाज होना था, वहां इंतजाम की सर्जरी जरूरी हो गई है।

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