पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने बढ़ाई EV की रफ्तार! 15 दिनों में इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग दोगुनी, बाजार में मची हलचल

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब ऑटोमोबाइल बाजार पर दिखने लगा है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग में पिछले 15 दिनों के भीतर जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है और कई कंपनियों की बुकिंग लगभग दोगुनी हो गई है। बढ़ती ईंधन लागत और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर बढ़ती जागरूकता को इस बदलाव की बड़ी वजह माना जा रहा है।

15 दिनों में EV की मांग में तेज उछाल
देशभर में इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग में अचानक तेजी आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले दो सप्ताह में इलेक्ट्रिक वाहनों की बुकिंग में 2 से 2.5 गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर शहरी इलाकों में लोग अब पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह EV की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।

ऑटो कंपनियों पर बढ़ा दबाव, सप्लाई चेन बनी चुनौती
EV की तेजी से बढ़ती मांग ने ऑटो कंपनियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। कंपनियों को सप्लाई चेन की दिक्कतों और उत्पादन क्षमता की सीमाओं के कारण बढ़ते ऑर्डर समय पर पूरे करने में परेशानी हो रही है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में EV को लेकर ग्राहकों की रुचि बेहद तेज हुई है।

EV बिक्री के आंकड़े दे रहे बड़े बदलाव के संकेत
वाहन पोर्टल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 27 मई तक इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन 51 प्रतिशत बढ़कर 21,669 यूनिट तक पहुंच गया है। वहीं इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में भी 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 1,43,668 यूनिट तक पहुंच चुका है। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों में भी EV की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।

महिंद्रा और टाटा की EV हिस्सेदारी में बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार महिंद्रा एंड महिंद्रा में इलेक्ट्रिक SUV की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई है, जबकि टाटा मोटर्स में यह हिस्सेदारी 14 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह आंकड़े देश में EV अपनाने की रफ्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

कम रनिंग कॉस्ट बना EV की सबसे बड़ी ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी खासियत उनकी कम रनिंग कॉस्ट है। जहां पेट्रोल कार चलाने में प्रति 100 किलोमीटर लगभग 700 से 900 रुपये खर्च होते हैं, वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों में यह लागत केवल 120 से 180 रुपये तक रह जाती है। सोलर एनर्जी और सरकारी सब्सिडी इसे और भी किफायती बना रही है।

देश में बढ़ती ईंधन कीमतों और सरकारी प्रोत्साहन के चलते EV बाजार आने वाले समय में और तेज रफ्तार पकड़ सकता है।

 

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