अभिनव बिंद्रा ने साधा गोल्ड पर निशाना, मलाइका को रजत, भारत के 10 पदक


हलो यू पी ( 26 - 07- 2014 ) -  

भारत के दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ राष्ट्रमंडल खेलों को अलविदा कहा जबकि स्कूली छात्रा मलाइका गोयल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता।
     
पहले दिन सात पदक जीतकर शानदार शुरुआत करने वाला भारत दूसरे दिन केवल तीन पदक जीत पाया जिसमें एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। निशानेबाजी में दो पदक जीतने के अलावा भारत ने एक पदक भारोत्तोलन में जीता जब महिला 53 किग्रा वर्ग में 20 वर्षीय संतोषी मात्सा ने कांस्य पदक हासिल किया।
     
भारत फिलहाल तीन स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक सहित कुल 10 पदक जीतकर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड और कनाडा के बाद पांचवें स्थान पर चल रहा है। दिन का आकर्षण बिंद्रा रहे। राष्ट्रमंडल खेलों में पिछले चार प्रयासों में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने में नाकाम रहे बिंद्रा ने आज आखिकार यह उपलब्धि हासिल कर ली।
     
राष्ट्रमंडल खेलों में युगल वर्ग में तीन स्वर्ण सहित कुल नौ पदक जीत चुके बिंद्रा ने फाइनल राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और कोई चूक नहीं की। वह बैरी बुडोन शूटिंग सेंटर में चल रही स्पर्धा के क्वालीफिकेशन में तीसरे स्थान पर रहे थे।
     
ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय बिंद्रा ने कुल 205.3 अंक बनाए जो खेलों का नया रिकॉर्ड भी है। बिंद्रा ने स्पर्धा के बाद भारतीय पत्रकारों से कहा, यह मेरे अंतिम राष्ट्रमंडल खेल हैं। पांच राष्ट्रमंडल खेल और नौ पदक मेरे लिए पर्याप्त हैं।
     
उन्होंने कहा कि यह पदक शानदार है क्योंकि मैंने कड़ी मेहनत की थी और मुझे खुशी है कि मैं यह लक्ष्य हासिल करने में सफल रहा। मुझे वांछित नतीजा मिला। यह पूछने पर कि क्या रियो 2016 उनके अंतिम ओलंपिक होंगे, बिंद्रा ने कहा, मैं एक बार में एक चीज पर ध्यान देता हूं। मैं बाद में फैसला करूंगा।
     
इससे पहले सोलह वर्षीय मलाइका ने भारत को निशानेबाजी में पहला पदक दिलाया। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में 197.1 अंक के साथ रजत पदक जीता लेकिन प्रबल दावेदार मानी जा रही हीना सिद्धू को सातवें स्थान से संतोष करना पड़ा। 
     
भारोत्तोलन में आंध्र प्रदेश की संतोषी महिला 53 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं। यह भारोत्तोलन में भारत का पांचावां पदक है। इससे पहले कल भारत ने भारोत्तोलन में दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता था।
     
रुस्तम सारंग ने हालांकि पुरुषों के 62 किग्रा वर्ग में निराश किया और वह शीर्ष पांच में भी जगह नहीं बना सके।
     
संतोषी ने कुल 188 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 83 जबकि क्लीन एवं जर्क में 105 किग्रा वजन उठाया। इस स्पर्धा का स्वर्ण नाईजीरिया की 16 वर्षीय स्कूली छात्र चिका अमालाहा के नाम रहा जिन्होंने कुल 196 किग्रा (85 और 111 किग्रा) वजन उठाया। पपुआ न्यू गिनी की अनुभवी डिका तोआ ने रजत पदक हासिल किया। दो बच्चों की मां डिका ने कुल 193 किग्रा (82 और 111 किग्रा) वजन उठाया।
     
स्नैच स्पर्धा की समाप्ति के बाद तीसरे स्थान पर चल रही भारत की स्वाति सिंह ने 183 किग्रा वजन उठाकर चौथा स्थान हासिल किया। स्वाति दूसरी बार पदक से चूकी है। पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में भी वह चौथे स्थान पर रहीं थी।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पूल-ए के मैच में वेल्स की कमजोर टीम को 3-1 से हराया लेकिन इसके लिये उन्हें काफी पसीना बहाना पड़ा।

विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज भारत को वेल्स के डिफेंस में सेंध मारने के लिये काफी मेहनत करनी पड़ी। भारत के लिये वी आर रघुनाथ (20वां मिनट) और रुपिंदर पाल सिंह (42वां मिनट) ने गोल किये जबकि टीम में वापसी करने वाले गुरविंदर सिंह चांडी ने 47वें मिनट में मैदानी गोल दागा। वेल्स के लिये एकमात्र गोल एंड्रयू कोर्निक ने 23वें मिनट में किया।

भारत का सामना आज स्कॉटलैंड से होगा जबकि वेल्स विश्व चैम्पियन और मौजूदा राष्ट्रमंडल चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया से खेलेगा। 
     
भारतीय जुडोका पहले दिन के शानदार प्रदर्शन को शुक्रवार को जारी रखने में नाकाम रहे। केवल सुनिबाला हुईद्रोम ही महिलाओं के 70 किग्रा भार वर्ग के कांस्य पदक के मुकाबले में जगह बना पायी लेकिन उन्हें भी पदक के मुकाबले में स्कॉटलैंड की सैली कानवाय के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा।
      
सैली ने पेनल्टी अंक (शिंडो) के आधार पर सुनिबाला को हराया। सुनिबाला को तीन पेनल्टी अंक मिले जबकि स्कॉटलैंड की जुडोका को एक भी पेनल्टी अंक नहीं मिला।
      
लंदन ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली भारत की एकमात्र जुडोका गरिमा रेपेचेज में इंग्लैंड की के जे यीटस ब्राउन से हार गयी। गरिमा ने क्वार्टर फाइनल में स्कॉटलैंड की सारा क्लार्क और अंतिम 16 में कैमरून की बिबियेन फोपा को हराया था। 
      
भारतीय पुरुषों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। बलविंदर सिंह (73 किग्रा) और वी विकेंदर सिंह (81 किग्रा) दोनों राउंड 32 में हार गये। बलविंदर को मोजाम्बिक के एडसन मैडिरा ने जबकि विकेंदर को कैमरून के ई जे ओंग्बा फौदा ने पराजित किया। 
      
भारत ने पहले दिन जूडो में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता था। बैडमिंटन में भारत की जीत का क्रम बरकरार रहा। मिश्रित टीम प्रतियोगिता के ग्रुप-बी में आज यहां उसने कीनिया को 5-0 से करारी शिकस्त दी। 
      
गुरुवार को घाना और युगांडा को 5-0 के समान अंतर से हराने के बाद भारत ने फिर जानदार प्रदर्शन किया और ग्रुप चरण में अजेय रहा। भारत की मुक्केबाजी स्पर्धा में मिश्रित शुरुआत रही जब मनदीप जांगड़ ने जीत दर्ज की लेकिन प्रवीण कुमार को शिकस्त का सामना करना पड़ा।
      
मनदीप ने पुरुष वेल्टर वेट (69 किग्रा) के राउंड ऑफ 32 में मोजांबिक के अगस्तो मथुले को हराया। प्रवीण को हालांकि पुरुषों के सुपर हैवीवेट वर्ग (91 किग्रा से अधिक) के प्री क्वार्टर फाइनल में स्कॉटलैंड के रोस हेंडरसन के हाथों 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

तैराकों ने फिर निराश किया। संदीप सेजवाल ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक की प्रारंभिक हीट तीन में एक मिनट 2.97 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया था लेकिन पहले सेमीफाइनल में वह छठे स्थान रहे।
      
अर्जुन पुरस्कार विजेता सेजवाल के प्रदर्शन में सेमीफाइनल में गिरावट आई और वे हीट के प्रदर्शन को भी नहीं दोहरा पाए। सेजवाल एक मिनट 3.24 सेकेंड के समय के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गए। वह सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले 16 तैराकों में 12वें स्थान पर रहे।
      
भारतीय तैराक सजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल के मुख्य दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। प्रकाश ने एक मिनट 53.82 सेकेंड का समय निकाला और वह क्वालीफिकेशन में 22वें स्थान पर रहे। टेबल टेनिस में भारतीयों ने अपने शानदार फॉर्म जारी रखा तथा पुरुष और महिला वर्ग में क्रमश: गयाना और कीनिया को 3-0 के समान अंतर से हराया। 
      
भारतीय पुरुष टीम ने पहले दिन वनातु को 3-0 से हराने के बाद अपना विजय अभियान बरकरार रखा। भारतीय स्क्वॉश स्टार जोशना चिनप्पा हालांकि महिला एकल के अंतिम 16 में विश्व में चौथे नंबर की न्यूजीलैंड की खिलाड़ी जोली किंग से 1-3 से हार गयी। चेन्नई की इस 27 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी तीसरी वरीय प्रतिद्वंद्वी के हाथों 3-11, 8-11, 11-8, 5-11 से हार का सामना करना पड़ा। 
      
भारतीय साइकिलिस्ट का निराशाजनक प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा और वे पुरुषों की 4000 मीटर व्यक्तिगत परसुईट और महिलाओं की 3000 व्यक्तिगत परसुईट में फाइनल के लिये क्वालीफाई करने में नाकाम रहे।

 

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